Friday, February 22, 2019
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“सिम्पलिसिटी एण्ड विसडम’’ पुस्तक का विमोचन

सन्तों का सान्निध्य, सत्संग और प्रभु स्मरण समाज को संयमित बनाता है’’सिम्पलिसिटी एण्ड विसडम’’का संदेश

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल श्री केशरीनाथ त्रिपाठी जी, स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज, कथाकार श्री अनुराग शास्त्री जी, विश्व विख्यात भजन गायक श्री अनूप जलोटा जी, निर्वतमान न्यायमूर्ति श्री गिरिधर मालवीय जी, डाॅ साध्वी भगवती सरस्वती जी, श्री मोहन जी, उत्तराखण्ड न्यायमूर्ति श्री राजेश टण्डन जी, कई गणमान्य न्यायाधीश एवं न्यायमूर्तियों की उपस्थिति में ’’सिम्पलिसिटी एण्ड विसडम’’ पुस्तक का विमोचन*

परमार्थ निकेतन शिविर में विश्व शान्ति एवं प्रयाग कुम्भ की सफलता के लिये किये जा रहे यज्ञ में आहूतियाँ समर्पित की, विश्व ग्लोब का जलाभिषेक तथा बाल विवाह को रोकने के लिये चलाये जा रहे कैम्पेन ’’बाल विवाह को ना और शिक्षा को हाँ’’ हेतु सभी विशिष्ट अतिथियों ने फ्लेग पर किये हस्ताक्षर

पूज्य स्वामी प्रज्ञाननन्द जी महाराज के जीवन, सत्संग, सान्निध्य और संस्मरण पर आधारित है ’’सिम्पलिसिटी एण्ड विसडम’’

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि ’’पूज्य प्रज्ञाननन्द जी महाराज ऐसे फकीर थे जो दिल से अमीर थे

प्रयागराज/ऋषिकेश AP3 -परमार्थ निकेतन शिविर अरैल क्षेत्र, सेक्टर 18 में देश की सम्भ्रांत हस्तियों ने एकत्र होकर पूज्य स्वामी प्रज्ञाननन्द जी महाराज के जीवन, सत्संग, सान्निध्य और संस्मरण पर आधारित श्री दिनेश सहारा जी द्वारा रचित पुस्तक ’’सिम्पलिसिटी एण्ड विसडम’’ का विमोचन किया। श्री दिनेश शाहरा जी ने छः वर्षो के अथक प्रयासों के पश्चात इस सुन्दर कृति की रचना की।


विमोचन अवसर पर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल श्री केशरीनाथ त्रिपाठी जी, स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज, श्री अनुराग शास्त्री जी, श्री अनूप जलोटा जी, निर्वतमान न्यायमूर्ति एवं कुलाधिपति बनारस विश्व विद्यालय श्री गिरिधर मालवीय जी, निर्वतमान श्री न्यायमूर्ति श्री अरूण टण्डन जी, श्री जस्टिस श्री उमेश सिरोही जी, साध्वी भगवती सरस्वती जी, श्री मोहन जी, उत्तराखण्ड न्यायमूर्ति श्री राजेश तिवारी जी, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री संवत जी, मेला एसडीएम सेक्टर 18 श्री आलोक कुमार गुप्ता जी कई गणमान्य न्यायाधीश एवं न्यायमूर्तियों ने सहभाग किया।


परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि पूज्य स्वामी प्रज्ञाननन्द जी महाराज वास्तव में एक ऐेसे फकीर थे जो दिल से अमीर थे। सादगी, सरलता और सात्विकता के प्रतीक थे। उनका जीवन भारतीय संस्कृति का जीता जागता उदाहरण था। वे आचार, विचार और व्यवहार से पूर्ण संत थे ।
श्री दिनेश शाहरा जी द्वारा रचित ’’सिम्पलिसिटी एण्ड विसडम’’ के उद्घाटन अवसर अपने विचार व्यक्त करते हुये कहा कि ’’आप जो दुनिया से अपेक्षा करते हो वह दुनिया को देना सीखें, यही भारतीय संस्कृति है। साथ ही अपनी योग्यता को बढ़ाओ तो सफलता सदा आपके कदम चूमेगी। उन्होने कहा कि सरलता से जीवन को सुखमय बनाना, प्रकृति को आत्मसात कर जीवन जीना ही, सच्ची जीवन पद्धति है।’’
इस अवसर पर परमार्थ निकेतन शिविर में श्री दिनेश शाहरा, श्री सुरेश शाहरा, श्री नितेश शाहरा, श्री सर्वेश शाहरा, श्रीमती मृदुला शाहरा, श्रीमती माधुरी शाहरा, श्री महेश भागचन्द्रका, श्री हर्ष भागचन्द्रका, श्रीमती सुनीता भागचन्द्रका, श्रीमती अमीशा शाहरा, श्री हरीश कोलवाल, श्री नरेद्र शाह, श्री अरविन्द्र अग्रवाल, श्रीमती सन्ध्या खन्डेलवाल, श्रीमती अलका गुप्ता, और अन्य गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। सभी ने पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज के पावन सान्निध्य में विश्व शान्ति यज्ञ में आहूतियां समर्पित कर विश्व ग्लोब का जलाभिषेक किया।