Wednesday, September 18, 2019
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विधायक डा. नीरज बोरा ने किया लखनऊ उत्तर विधानसभा क्षेत्र टीबी मुक्त अभियान का शुभारम्भ

लखनऊ Ap3 news – उत्तर प्रदेश में टीबी मुक्त क्षेत्र का बीड़ा उठाने वाला पहला विधानसभा क्षेत्र है लखनऊ उत्तर विधानसभा। दुनिया भर में टीबी रोग से पीडि़त लोगों में 27 फीसदी भारत में निवास करते हैं और देश में टीबी पीडि़तों की संख्या सबसे अधिक उत्तर प्रदेश में है। देश का सबसे बड़ा प्रदेश होने के कारण टीबी उन्मूलन में उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी भी बड़ी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लक्ष्य है कि वर्ष-2025 तक संपूर्ण भारत टीबी मुक्त हो और उन्होंने टीबी हारेगा देश जीतेगा का नारा भी दिया है। चिकित्सक विधायक होने के नाते मेरा भी दायित्व है कि प्रधानमंत्री की इस मुहिम को सफल बनाने की शुरूआत मै अपने विधानसभा क्षेत्र से करूं। अलीगंज में स्थित आंचलिक विज्ञान नगरी प्रेक्षागृह में आयोजित लखनऊ उत्तर विधानसभा क्षेत्र टीबी मुक्त अभियान के शुभारम्भ अवसर पर उक्त विचार क्षेत्रीय विधायक डा. नीरज बोरा ने व्यक्त किये। उन्होंने कहाकि उत्तर प्रदेश में लखनऊ उत्तर विधानसभा पहला विधानसभा क्षेत्र है, जिसको टीबी मुक्त करने का बीड़ा उन्होंने उठाया है और इसके लिये वह प्रतिबद्ध हैं। विधायक डा. नीरज बोरा ने कहाकि पूरे उत्तर प्रदेश का उत्तर देने के लिये लखनऊ उत्तर विधानसभा क्षेत्र को टीबी मुक्त करने का सभी ने संकल्प लिया है। उक्त कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश में क्षयरोग (टीबी) उन्मूलन के लिये पैरवी कर रही संस्था रीच के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम में मौजूद राज्य क्षय रोग अधिकारी डा. संतोष गुप्ता ने क्षय रोग से सम्बन्धित अहम जानकारियां देते हुये कहाकि जागरूकता के अभाव में बीमारी बढ़ रही है और यही वजह है कि हम टीबी से मुक्ति के लक्ष्य को प्राप्त करने में असफल हैं। ऐसे में टीबी को जड़ से खत्म करने के लोगों को जागरूक होना पड़ेगा। सीएमओ डा. नरेन्द्र अग्रवाल ने बताया कि टीबी के मरीजों को निशुल्क बेहतर इलाज मुहैया कराने के साथ ही निक्षय पोषण योजना के तहत 6 माह तक 5 सौ रूपये प्रतिमाह भी दिया जा रहा है। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपने दायित्वों के निर्वहन के साथ ही टीबी उन्मूलन हेतु जागरूकता अभियान चलाने का आहवान किया। इस अवसर पर रीच संस्थान की स्टेट कॉर्डिनेटर मुक्ता शर्मा, जिला क्षय रोग अधिकारी डा. बीके सिंह, नगरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की अधीक्षिका डा. रश्मि वर्मा, डा. उमेश, पार्षद पृथ्वी गुप्ता, प्रदीप कुमार शुक्ला, अमित मौर्या, राघव राम तिवारी के अलावा दीपक मिश्रा, अरविन्द शुक्ला, शैलेन्द्र शर्मा ‘अटल’, राम किशोर, राम शरण सिंह और कृपाशंकर मिश्रा सहित सीडीपीओ, एएनएम व सुपरवाइजर उपस्थित रहे।

चैम्पियनों ने उठाया टीबी रोग मुक्त करने का बीड़ा

टीबी चैम्पियन सुनीता व कमल ने बताया कि वह भी टीबी रोग से ग्रसित हुये थे, किन्तु नियमित इलाज के चलते इस गंभीर बीमारी से मुक्त हो गये हैं। उन्होंने कहाकि टीबी मुक्त अभियान को सफल बनाने के लिये हर तबके एवं स्वयंसेवी संस्थाओं की सहभागिता आवश्यक है। क्योंकि जब सब मिलकर काम करेंगे तो सफलता अवश्य मिलेगी। सुनीता और कमल ने बताया कि वह प्रतिदिन लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक करने का काम कर रहे हैं और अब उन्होंने बीडा उठाया है कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी से लोगों को मुक्त कराकर उत्तर प्रदेश को टीबी मुक्त बनायेंगे।


पोषण हेतु सहायता राशि करायी जा रही उपलब्ध

राज्य क्षय रोग अधिकारी डा. संतोष गुप्ता ने बताया कि पिछले वर्ष लगभग चार लाख अठारह हजार से ज्यादा टीबी से ग्रसित मरीजों को चिन्हित किया जा चुका है। जिसमें लगभग 25 करोड रूपये से अधिक धनराशि टीबी मरीजों को पोषण हेतु हस्तान्तरित किया जा चुका है। डा. गुप्ता ने बताया कि टीबी रोगी को पोषण सहायता के लिये 500 रुपये प्रतिमाह का वित्तीय प्रोत्साहन किया जाता है। लाभार्थी के बैंक खाते में प्रोत्साहन डीबीटी योजना के माध्यम से वितरित किये जाते हैं।

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