Sunday, May 26, 2019
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भारत के सैनिक किसी संत से कम नहीं – स्वामी चिदानन्द सरस्वती

शहीद स्मृति वन कुनाव और वीरपुर ’शहीद स्मृति वन’ में शहीदों की याद में किया वृक्षारोपण

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज के सान्निध्य और प्रेरणा से पुलवामा शहीदों की स्मृति में रोपित किये पौधे

ऋषिकेश AP3 News–  परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज के सान्निध्य और मार्गदर्शन में विश्व के अनेक देशों से आये श्रद्धालुओं ने शनिवार को कुनाव और वीरपुर में शहीद स्मृति वन में शहीदोेें की स्मृति में वृक्षारोपण किया।
देश की रक्षा के लिये अपनी शहादत देने वाले वीर शहीदों को नमन करते हुये स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने पुलवामा में शहीद हुये सैनिकों को शहीद स्मृति वन समर्पित किया।


स्वामी जी महाराज ने कहा कि सैनिकों का जीवन अर्पण, समर्पण और तर्पण से युक्त जीवन है, जो अपने लिये बल्कि अपनों के लिये, अपने राष्ट्र के लिये जीते है।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने भूतपूर्व सेनाध्यक्ष लेफ्टीनेन्ट जनरल मलहोजा एवं अन्य सेना के जवानों की उपस्स्थिति में, भारत के शहीद वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुये आज की परमार्थ गंगा आरती और हवन समर्पित किया और कहा कि कहा कि भारत के सैनिक किसी संत से कम नहीं हैं। संत, संस्कृति की रक्षा करते है और सैनिक देश की सीमाओं की सुरक्षा करते है। सैनिक है तो हमारी सीमाएं सुरक्षित हैं; सैनिक हैं तो हम हैं, हमारा अस्तित्व है उनकी वजह से आज हम जिंदा है और हमारा देश भी ज़िंदा है। सैनिक अपनी जान को हथेली पर रखकर अपने देश की रक्षा करते हैं।


स्वामी जी ने कहा कि शहीद अमर होते है और पौधों के रूप में हमारे बीच हमेशा जिंदा रहेगें जो अमर होने के बाद भी लोगों को छाया, फल और संरक्षण प्रदान करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि भारत के प्रत्येक सैनिकों की हर धड़कन और हर श्वास भारत के लिये धड़कती है। सैनिक हैं तो हमारा तिरंगा लहरा रहा है, सैनिक हैं तो देश की शान है और हमारे देश के सैनिक हैं तो इस देश की अस्मिता जिंदा है, एकता, अखण्डता और इस देश की सुरक्षा कायम है।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने भारत के युवाओं का आह्वान करते हुये कहा कि आज इस देश को उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम के संगम की आवश्यकता है और वह संगम आज की युवा शक्ति ला सकती है।

उन्होने कहा कि देश की रक्षा की जिम्मेदारी केवल सैनिकों की ही नहीं है जनता को भी इसमें सहयोग प्रदान करना चाहिये ताकि सैनिकों का मनोबल बना रहे, उनके परिवार वालों को शक्ति मिलती रहे। आज सोशल मीडिया के युग में कुछ लोग केवल खबरों को एकत्र कर तथा उन पर वाद-विवाद कर आम नागरिकों को दिग्भ्रमित करते है उससे बेहतर है कि वे आज के युवाओं को सही मार्गदर्शन दें जिससे देश समृद्धि कि ओर अग्रसर होता रहे। स्वामी जी महाराज ने भारत के सैनिकों और शहीदों की माताओं और वीरांगनाओं को प्रणाम करते हुये कहा कि धन्य है वे मातायें जिन्होने ऐसे वीरों को जन्म दिया और धन्य है वे पिता जिन्होने अपने बेटों को देश सेवा में कार्य करने की शिक्षा प्रदान की।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज और साध्वी भगवती सरस्वती जी ने सर्वप्रथम शहीद स्मृति वन में पौधों का रोपण किया इस अवसर पर साध्वी आभा सरस्वती जी, सुुश्री गंगा नन्दिनी और विश्व के विभिन्न देशो से आये श्रद्धालु उपस्थित थे।