Wednesday, September 18, 2019
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फर्जी कागजात लगाकर बैंक से फाइनेंस करवाई कार, न्यायालय के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज

लखनऊ Ap3 news- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा जानकीपुरम से फर्जी दस्तावेज लगाकर 10.75 लाख का कार लोन लेने का मामला प्रकाश में आया है। जानकीपुरम थाने में सुनवाई न होने पर बैंक प्रबंधक को कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। जिसके बाद न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

स्टेट बैंक आफ इंडिया की जानकीपुरम शाखा में कौशल किशोर बतौर शाखा प्रबंधक कार्यरत हैं। उनका कहना है कि वर्ष 2014 में जानकीपुरम सेक्टर-6 निवासी सूरज मिश्रा ने डस्टर कार खरीदने के लिए बैंक में लोन के लिए आवेदन किया था। सूरज ने उस वक्त लोन की प्रक्रिया से सम्बंधित सारे दस्तावेज बैंंक में जमा कराए थे। इसके बाद बैंक ने सूरज को 10.75 लाख रुपये का लोन पास कर दिया था। लोन की रकम मिलने के बाद सूरज ने डस्टर कार खरीदी और गाड़ी के पेपर बैंक में जमा करा दिए। इस बीच बैंक को पता चला कि सूरज और उसकी पत्नी को विजया बैंक से लोन के नाम पर धोखाधड़ी के मामले में वर्ष 2017 में हजरतगंज पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने सूरज के जमा कराए गए दस्तावेज की जांच कराई तो पता चला कि दस्तावेज फर्जी हैं। जिसके बाद बैंक ने दिसंबर महीने में इस बात की शिकायत जानकीपुरम पुलिस से की और एसएसपी को डाक के जरिए  शिकायत पत्र भी भेजा पर पुलिस ने रिपोर्ट नहीं दर्ज की। प्रबंधक कौशल किशोर के मुताबिक हतास होकर बैंक को न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। इंस्पेक्टर जानकीपुरम मो.अशरफ ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर सूरज व अज्ञात लोगों के खिलाफ जानकीपुरम थाने में जालसाजी की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

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