Saturday, August 24, 2019
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सिपाहियों की बहादुरी से पकड़ा गया चेन स्नेचर

150 से अधिक लूट की वारदातें कुबूली, लूट की पांच चेन समेत तमंचा व कारतूस बरामद
सीओ अलीगंज ने दोनो सिपाहियों को पुरस्कृत किए जाने के लिए एसएसपी से की सिफारिश,
लखनऊ Ap3 news -मड़ियांव थाने में तैनात कॉन्स्टेबल विश्वजीत सिंह व अरविंद सिरोही की सक्रियता के चलते पुलिस ने एक ऐसे शातिर लुटेरे को दबोचने में सफलता पाई है जो राजधानी में करीब 150 से अधिक चेन लूट की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। पुलिस ने आरोपित के पास से लूट की पांच चेन समेत एक तमंचा और एक कारतूस तथा लूट में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद किया है। सीओ अलीगंज स्वतंत्र सिंह ने दोनों सिपाहियों की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए एसएसपी कलानिधि नैथानी से पुरस्कृत कराए जाने की सिफारिश की है।
सीसीटीवी कैमरे से लगा सुराग सीओ अलीगंज स्वतंत्र सिंह ने बताया कि बीते दिनों मड़ियांव थाना क्षेत्र में चेन लूट की कई घटनाएं हुई थी। पुलिस को घटना स्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में लुटेरे की फोटों मिली थी। कई जगह की घटनाओं में एक ही हुलिए जैसे लुटेरे की फोटो वह बाइक मिलने से इंस्पेक्टर मड़ियांव संतोष सिंह ने टीम गठित की। सभी के मोबाइल पर लुटेरे की फोटो दी गई थी। सोमवार को कॉन्स्टेबल विश्वजीत सिंह और अरविंद सिरोही प्रियदर्शनी कॉलोनी स्थित पार्क के पास मौजूद थे। तभी  संदिग्ध लुटेरा बाइक से आते दिखाई दिया। बाइक का नंबर और संदिग्ध का हुलिया सीसीटीवी कैमरे में कैद फोटो से मेल खाते दिखा इस पर दोनों सिपाहियों ने पीछा किया।
सिपाहियों की बाइक में टक्कर मार कर गिराया
सिपाहियों को पीछा करता देख आरोपित कॉलोनी में घुस गया। लेकिन आगे रास्ता ब्लॉक होने के कारण वह तेजी से बाइक यू-टर्न ली और पीछा कर रहे सिपाहियों की बाइक में सीधे टक्कर मार दी। जिससे दोनों गिर गए। इंस्पेक्टर संतोष सिंह के मुताबिक चोट आने के बावजूद सिपाहियों ने हिम्मत नहीं हारी और लुटेरे को दबोच लिया। बचाव में लुटेरे ने तमंचा लोड कर गोली भी मारने की कोशिश की थी। तभी स्थानीय लोगों की मदद से उसे दबोच लिया गया। पुलिस ने जामा तलाशी में उसके पास से मड़ियांव थाना क्षेत्र से लूटी गई पांच चेन बरामद की।


घटना करने के बाद भाग जाता था नोएडा पूछताछ में आरोपित की पहचान बाजारखाला के भवानीगंज निवासी देवेंद्र सिंह के रूप में हुई। पड़ताल में पता चला कि आरोपित बाजारखाला का हिस्ट्रीशीटर भी है उसके खिलाफ राजधानी के बाजारखाला, तालकटोरा, कृष्णा नगर, पारा व नाका समेत रायबरेली के थाना मिलेरिया में करीब 30 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इंस्पेक्टर के मुताबिक आरोपित ने बताया कि वह लूट की कई घटनाओं को अंजाम देने के बाद ग्रेटर नोएडा भाग जाता था। जहां वह दिल्ली के तिलक नगर में एक जूलरी शॉप में माल बेचता था।
प्राइवेट नौकरी में कम मिल रही थी सैलरी, इसलिए करने लगा लूट इंस्पेक्टर के मुताबिक आरोपित 12वीं तक पढाई की है। उसने ऐशबाग की एक प्लाई फैक्ट्री में नौकरी शुरू की थी। मिलने वाली सैलरी से उसकी जरूरते पूरी नहीं हो रही थी। लिहाजा उसने वर्ष 2010 से चेन लूट की घटनाओं को अंजाम देने लगा। उसने अब तक 150 से अधिक लूट की घटना करने की बात स्वीकार की। वह चेकिंग में पकड़ा न जाए इसके लिए उसने बाइक के सारे कागजात पूरे कर रखे थे। हेल्मेट लगाकर बाइक चलाता था।

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