Monday, April 22, 2019
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विकास शब्द तब तक अधूरा, जब तक उसके साथ मंगल न जुड़ जाए: प्रो बजरंग लाल गुप्ता

– नेता जी सुभाष चन्द्र बोस राजकीय महिला स्नातकोतर महाविद्यालय मे दो दिवसीय अंतररास्ट्रीय सम्मेलन

लखनऊ। विकास की ललक में पश्चिमी मॉडल द्वारा बनाई गई राह पर दौड़ाने वाले देशों ने न केवल अपने लिए वरन सम्पूर्ण प्राणिमात्र के सम्मुख अस्तित्व का संकट खडा कर दिया है। जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण और मृदा प्रदूषण के कारण हमारे चारों ओर प्रदूषित पर्यावरण का ऐसा घेरा बन चला है, जिसने समूची प्रथ्वी को विनाश के कगार पर पहुँचा दिया है। सुप्रसिद्ध अर्थशास्त्री एवं सामाजिक विचारक प्रो. बजरंग लाल गुप्ता ने यह बात नेता जी सुभाष चन्द्र बोस राजकीय महिला स्नातकोतर महाविद्यालय, अलीगंज में आयोजित दो दिवसीय अंतररास्ट्रीय सम्मेलन में कही। ‘सस्टेनेबल डेवलपमेंट : स्ट्रेटेजीज एंड इमर्जिंग ट्रेंड्स’ विषय पर आयोजित सम्मेलन में वक्ताओं ने प्राकृतिक संसाधनो के अंधाधुंध दोहन पर चिंता प्रकट की।
प्रो गुप्ता ने कहा कि वैश्वीकरण के नाम पर अपनाई गई आर्थिक नीति से न तो देश का विकास हुआ है, न ही रोजगार बढ़ा है। बल्कि गरीबी, असमानता और महंगाई में वृद्धि हुई है।हमें विकास की गलत परिभाषा को बदलकर एक ऐसी परिभाषा देनी होगी जिसमें मनुष्य का सर्वतोमुखी विकास सुनिश्चित हो। प्रो गुप्ता ने कहा कि विकास शब्द तब तक अधूरा ही है, जब तक उसके साथ मंगल न जुड़ जाए। हम केवल विकास नहीं, वरन मंगल विकास के पक्षधर हैं। भारतीय चिंतन में “सर्वे भवन्तु सुखिनः”, सर्वजन सुखाय, सर्वजन हिताय से भी आगे बढ़कर, “सर्व भूत हिते रतः” की बात की गई है। अर्थात समस्त मनुष्यों, प्राणियों, जीव जंतुओं, पेड़ पौधों वनस्पतियों के कल्याण की भावना रखी है। ब्रीलन यूनिवर्सिटी इजराइल के प्रो योसेफ स्टेनबर्गर्स ने इजराल व भारत के पक्षों को को विस्तार से बताया। इस मौके पर विधायक डॉ नीरज बोरा, प्राधानाचर्या प्रो अनुराधा तिवारी, प्रो. मो. मुज्जमिल, प्रो. मनीष मिश्रा, डॉ जी. पार्थ प्रोतिम, डॉ. प्रशांत विक्रम, प्रो. ध्रुवसेन सिंह, डॉ विजय कर्ण आदि ने भी विचार व्यक्त किये। डॉ.शिवानी श्रीवास्तव ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया।