Saturday, April 20, 2019
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पहले कॉटन छोड़ा दोबारा ऑपरेशन में महिला की आंत फटी, हालात नाजुक

गुडम्बा में कोचिंग की आड़ में संचालित हो रहे अस्पताल की घटना, डॉक्टर फरार

लखनऊ Ap3news  – गुडम्बा के कुर्सी रोड गौराबाग स्थित एक घर में कोचिंग की आड़ मे संचालित हो रहे अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही एक महिला को भारी पड़ गई। आरोप है कि डिलीवरी के समय हुए ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने पेट में कॉटन छोड़ दिया। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में खुलासा होने पर दोबारा ऑपरेशन के दौरान महिला की आंत फट गई। जिसकी जानकारी मिलते ही सोमवार को परिवारीजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान अस्पताल स्टॉफ और परिवारीजनों के बीच हाथापाई भी हुई।

हालांकि सूचना पाकर मौके पर पुलिस के पहुंचने से पहले ही अस्पताल संचालक भाग निकला। पुलिस ने मौके से मिली एक नर्स और वार्ड ब्वाय को हिरासत में लेने के साथ ही पीड़ित महिला को एम्बुलेंस 108 की मदद से ट्रॉमा सेंटर भेज दिया गया।


बाराबंकी थाना कुर्सी के बाबूरिया गांव निवासी विमलेश के मुताबिक करीब तीन महीने पहले उसने डिलीवरी के लिए अपनी पत्नी सुमन देवी (32) को डॉक्टर संतोष के माध्यम से कुर्सी रोड गौरबाग कॉलोनी स्थित अस्पताल में भर्ती करवाया था। विमेलश के मुताबिक डॉ. संतोष ने खुद को अस्पताल का मालिक बताया था। बड़े ऑपरेशन से सुमन ने बेटी को जन्म दिया। ऑपरेशन के बाद से ही पेट मे दर्द की शिकायत होने पर कुछ दिनों पहले परिवारीजनों ने अल्ट्रासाउंड करवाया। जिसमे पता चला कि ऑपरेशन के दौरान सुमन के पेट मे कॉटन छूट गया है। इसकी शिकायत करने पर डॉ. संतोष ने बिना रुपये लिए ऑपरेशन करने को कहा। जिसके चलते सुमन को 11 अप्रैल की सुबह भर्ती करवा दिया गया। परिवारीजनों के मुताबिक बिना घर वालों को सूचना दिए ही डॉक्टरों ने 13 अप्रैल की रात में ऑपरेशन कर कॉटन को बाहर निकालने की सूचना दी। अगले दिन पेट से लगातार निकल रहे मल को देख कर परिवारीजनों डॉक्टर को बताया। सोमवार को बाहर से आए डॉक्टर ने चेकअप के बाद आंत फटने की जानकारी देने के साथ ही ट्रॉमा सेंटर ले जाने को कहां। जिसके बाद परिवारीजनों ने लापरवाही का आरोपित लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।

पीड़ित परिवारीजनों ने घटना की सूचना यूपी-100 पर दी। हालांकि पुलिस पहुंचने से पहले ही अस्पताल संचालक भाग निकला। मौके पर मिली नर्स अनामिका व वार्ड ब्वॉय मान सिंह को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
बाहर लगा रखा था कोचिंग सेंटर का बैनर
अस्पताल एक घर मे संचालित हो रहा था। ओटी में काफी गंदगी थी। इसके अलावा लोगों को गुमराह करने के लिए बाहर से एक कोचिंग का बैनर लगाया गया था। पुलिस पूरे अस्पताल की तलाशी ली लेकिन अस्पताल से सम्बंधित कोई कागजात नहीं मिल सके। वहीं हिरासत में लिए गए कर्मचारी मान सिंह और अनामिका भी अस्पताल व डॉक्टरों से सम्बंधित कोई जानकारी नहीं दे सके।
एक घंटे तक पुलिस करती रही एम्बुलेंस का इंतजार
घटना की सूचना परिवारीजनों ने करीब एक बजे यूपी-100 पर दी। लेकिन पीआरवी-502 और 492 करीब 1:40 बजे मौके पर पहुंच सकी। आरोप है कि मौके पर दो पीआरवी मौजूद होने के बावजूद पुलिस कर्मियों ने पीड़ित महिला को एम्बुलेंस से भेजने के लिए उसके पति को एम्बुलेंस लाने के लिए किसी प्राइवेट अस्पताल से बंदोबस्त करने के लिए भेज दिया। हालांकि महिला की बिगड़ती हालात और लोगों की नाराजगी बढ़ते देख पुलिस ने 108 एम्बुलेंस को कॉल किया। जिसके बाद करीब 2:50 बजे महिला को एम्बुलेंस से ट्रॉमा सेंटर भेजा जा सका। इस दौरान पीड़ित परिवारीजन कई बार पुलिस कर्मियों से पीआरवी की मदद से अस्पताल ले जाने की मिन्नते करते रहे।
पुलिस ने दूसरी महिला मरीज को दूसरे अस्पताल में नहीं कराया शिफ्ट
अस्पताल में पीड़ित महिला की जगह बद्दुपुर बाराबंकी निवासी प्रीति भी भर्ती मिली। प्रीति के पेट मे दर्द होने के चलते उसे रविवार को ही भर्ती कराया गया था। उसे गुलूकोज चढ़ रहा था। मौके से डॉक्टर व अन्य स्टॉफ भाग जाने के बावजूद पुलिस ने उसे दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करवाना उचित समझा और न ही इसकी जानकारी सीएमओ कार्यालय को दी।
वर्जन
हंगामे की सूचना पर पुलिस अस्पताल गई थी। पीडित महिला को ट्रॉमा सेंटर भेज दिया गया है। आगे की कार्रवाई के लिए सीएमओ को जानकारी दी जाएगी।
-रवींद्र नाथ राय इंस्पेक्टर गुडम्बा