Monday, July 15, 2019
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रेलवे का बर्खास्त खलासी चला रहा था नौकरी के नाम पर ठगी का गैंग

-मुख्य आरोपित समेत 7 आरोपित गिरफ्तार, कूट रचित दस्तावेज समेत नकदी बरामद
लखनऊ Ap3news– रेलवे का बर्खास्त खलासी गैंग बनाकर रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगारों को चूना लगा रहा था। एएसपी ट्रांसगोमती की स्वाट, व सर्विलांस टीम ने विकासनगर पुलिस की मदद सरगना समेत सात आरोपितों को दबोच कर काफी मात्रा में फर्जी दस्तावेज व एक लाख रुपये की नकदी बरामद की है। पुलिस फरार आरोपितों की तलाश में छापे मार रही है।

 


एएसपी ट्रांसगोमती अमित कुमार ने बताया कि बुधवार को सेक्टर-11 विकासनगर स्थित मिनी स्टेडियम के पास से गैंग के सरगना राजघाट गोरखपुर निवासी सुशील कुमार शर्मा समेत छुरावली तिराहा थाना मुरार, ग्वालियर निवासी लखन सिंह उर्फ लखन गोयल, नौबस्ता कानपुर नगर निवासी अंकित कटियार, एमपी के भिंड निवासी मिथुन गौतम, एमपी के ही जिला मुरैना निवासी अरुण, गोरखपुर के श्रवण यादव और राजेंद्र पासवान को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पता चला कि आरोपित सुशील कुमार गोंडा में खलासी के पद पर कार्यरत था। वर्ष 1990 में डीजल व मोबिल की हेराफेरी करने के आरोप में उसको बर्खास्त कर दिया गया था। जिसके बाद से उसने रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने का एक गैंग तैयार कर लिया।

रेलवे के अधिकारी होने का झांसा देकर करते थे ठगी

एएसपी टीजी अमित कुमार के मुताबिक सभी आरोपित उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्थान, दिल्ली समेत अन्य राज्यों में अपने एजेंट बना रखे थे। इसके अलावा यह लोग स्वयं रेलवे में अलग-अलग अधिकारी होने का दावा कर बेरोजगारों को झांसे में लेकर ठगी करते थे। वर्ष 2012 व 2017 में गोरखपुर पुलिस ने इन्हें जेल भेज चुकी है। जेल से छूटने के बाद दोबारा इन लोगों ने जालसाजी का काम शुरू कर दिया। आरोपितों ने बताया उन्होंने अब तक सैकड़ों लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं। एएसपी ने बताया आरोपितों के कुछ साथी फरार है। उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
यह हुई बरामदगी
-दो कूट रचित पोस्टिंग लेटर, दो ऑफर लेटर, दो बैज टीई सफेद कलर के, दो नेम प्लेट, दो काले रंग को कोट, दो टाई, एक लाख रुपये नकद, एक कार, 12 मोबाइल फोन, एक डायरी जिसमे हिसाब किताब लिखा है।