Wednesday, April 14, 2021
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चौराहे पर जाति विशेष के नाम की होर्डिंग लगाने पर हंगामा

-जानकीपुरम थाना क्षेत्र के मिर्जापुर गांव का मामला
-पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए नाराज ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर किया प्रदर्शन
लखनऊ Ap3news- जानकीपुरम थाना क्षेत्र के मिर्जापुर पुलिया चौराहे पर कुछ अराजकतत्वों द्वारा जाति विशेष की होर्डिंग लगाकर चौराहे का नाम बदलने का प्रयास किया गया। जिसका विरोध कर रहे ग्रामीणों ने पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए सोमवार को जानकीपुरम थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे एसडीएम बीकेटी प्रफुल्ल त्रिपाठी और कार्यवाहक सीओ अलीगंज दुर्गेश कुमार सिंह ने आक्रोशित लोगों को किसी तरफ समझा-बुझाकर शांत करवाया।
मिर्जापुर निवासी पवन कुमार, नरेंद्र कुमार, रामबालक, रामखेलावन, सूरज पाल व देशराज समेत कई ग्रामीणों की ओर से पुलिस को दी गई समूहिक तहरीर में कहा गया है कि मिर्जापुर पुलिया चौराहे पर 9 मई को गांव के ही कुछ शरारतीतत्वों द्वारा जाति विशेष के नाम की होर्डिंग लगाकर चौराहे का नाम बदलने का प्रयास किया गया। जिसका ग्रामीण विरोध कर रहे। ग्रामीणों का कहना था कि किसी महापुरुष या देवी देवताओं के नाम पर चौराहे का नाम रखने पर उन लोगों को कोई आपत्ति नहीं थी। लेकिन जाति विशेष के नाम पर उन्हें ठेस पहुंचा रहा है।

एक तरफा कार्रवाई करने पर भड़के ग्रामीण

ग्रामीणों के मुताबिक इस मामले में थाने पर लिखित तहरीर देकर पुलिस को अवगत करवाया गया। इतना ही नहीं ग्रामीणों ने इस होर्डिंग को लेकर आपस मे फौजदारी होने की भी पुलिस से आशंका जताई थी। आरोप है कि इसके बावजूद पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया। 11 मई की रात किसी अज्ञात शख्स ने होर्डिंग फाड़ दी। जिससे दोनों पक्षों में तनातनी हो गई थी। रात को ही कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच कर स्थित को संभाला था। आरोप है कि पुलिस ने रविवार को बैनर फाड़ने के आरोप में गांव के ही निवासी दीनदयाल उर्फ मन्ना पाल को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। इससे नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को थाने का घेराव कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। आक्रोशित लोगों का कहना था कि इंस्पेक्टर जानकीपुरम मो.अशरफ ने आचार संहिता के दौरान माहौल खराब करने का आरोप लगाते हुए मन्ना के खिलाफ कार्रवाई की बात कहीं। जबकि ग्रामीणों का कहना था कि जिन्होंने पहले होर्डिंग लगाकर दो पक्षों के बीच मे तनाव पैदा कर माहौल को खराब किया। पुलिस ने उनके खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं कि। उल्टे ग्रामीणों पर ही पुलिस शांत रहने का दबाव बनाती रही। ग्रामीणों के मुताबिक जबकि उसी बैनर पर नीचे सभी जिम्मेदारों के नाम भी लिखे थे।
वर्जन
दोनों पक्षों की आपसी सहमति से बैनर पर लिखे जाति विशेष को काले रंग से पुताई करावा दिया गया है। आचार संहिता होने के कारण 27 मई के बाद इस मामले में दोबारा दोनों पक्षों के साथ बैठक कर स्थाई निर्णय लिया जाएगा।
– प्रफुल्ल त्रिपाठी, एसडीएम बीकेटी