Monday, July 22, 2019
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 10 दिवसीय पारंपरिक लोक गीतों की कार्यशाला का शुभारंभ 

नीलाक्षी लोक कला कल्याण समिति ने जानकीपुरम में किया आयोजन
लखनऊAp3news- नीलाक्षी लोक कला कल्याण समिति की ओर से जानकीपुरम सेक्टर एच डी1/16 स्थित कार्यालय में सोमवार से 10 दिवसीय पारंपरिक लोक गीतों की कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। 
तबला, हारमोनियम और मंजीरे की धुनों के साथ महिलाओं ने वरिष्ठ लोकगायिका नीलम वर्मा के निर्देशन में पारंपरिक लोकगीत सोहर ‘बाजत अवध बधैय्या..’ की शानदार प्रस्तुति दी।  
कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन व गणपति वंदना ‘ पालने में झूले गणपति पालने में झूले ‘ से हुई।  संस्थान की अध्यक्ष नीलम वर्मा ने बताया कि कार्यशाला निःशुल्क है। यहां 20 प्रतिभागी पारंपरिक लोक गीतों का न सिर्फ अभ्यास कर रहे हैं बल्कि पारंपरिक लोक गीतों के रोचक तथ्य भी जान रहे हैं। समाज में जन्म से विवाह, संतान जन्म, जनेऊ  समेत 16 संस्कार हैं। इन सभी अवसरों के लिए गीत संगीत है। फसल बुआई व कटाई तक के गीत है। आज संयुक्त परिवारों का चलन समाप्त होने से पारंपरिक लोकगीत लुप्त होते जा रहे हैं। नई पीढ़ी को लोकगीतों और अन्य लोक कलाओं से परिचित कराने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया है।
पहले दिन जन्म संस्कार सोहर का प्रशिक्षण व प्रस्तुति हुई। अन्य दिनों में संस्कार गीत पलना, छठी, पिपरी, हरीरा, जीरा, मुंडन व जनेऊ गीत का प्रशिक्षण दिया जाएगा।