Tuesday, June 25, 2019
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महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा तथा अमेरिका और भारत के सांस्कृतिक मूल्यों पर हुई चर्चा

-विश्व महावारी दिवस पर देर शाम इफ्तार पार्टी में स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज और साध्वी भगवती सरस्वती जी ने अमेरिका के राजदूत केनेथ आई जस्टर से की मुलाकात
-स्वच्छता किट, उत्तराखण्ड की ग्रामीण महिलाओं द्वारा बनाया गया सैनेटरी पैड और रूद्राक्ष का पौधा किया भेंट
ऋषिकेश Ap3news- परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज एवं जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती जी को भारत में अमेरिका दूतावास में आयोजित धार्मिक, सांस्कृतिक एवं एकता को सुदृढ़ करने वाले 
कार्यक्रम में आमंत्रित किया।
 इस भोज कार्यक्रम का आयोजन विश्व महावारी दिवस के अवसर पर देर शाम भारत में अमेरिकी दूतावास में किया गया। इस अवसर पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज और साध्वी भगवती सरस्वती जी ने अमेरिका के राजदूत केनेथ आई जस्टर को स्वच्छता किट, उत्तराखण्ड की ग्रामीण महिलाओं द्वारा बनाया गया सैनेटरी पैड और पर्यावरण संरक्षण का प्रतिक रूद्राक्ष का पौधा भेंट करते हुये कहा कि इस दिशा में भारत ही नहीं बल्कि अन्य देशों में भी कार्य किया जा सकता है।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने राजदूत केनेथ आई जस्टर को सुगन्धित चन्दन की माला के साथ अपना आशीर्वाद देते हुये कहा कि चन्दन की सुगंध की तरह विश्व में भी सद्भावना, समरसता, सद्भाव और भाईचारा की सुंगध फैले, भारत और अमेरिका विश्व के दो बड़े लोकतंत्र है। इन दोनों लोकतंत्र के सम्बंध विश्व स्तर पर  शान्ति स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते है।
 स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि भारत में महावारी अब भी प्रतिबंध और संकोच का विषय है। मासिक धर्म स्वास्थ्य प्रबंधन पर एक अध्ययन के मुताबिक मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को अब भी अपवित्र समझा जाता है और उन पर कई तरह के सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतिबंध लगाये जाते है। अब समय आ गया है कि हम अपने परिवारों में, स्कूलों में और संतों के उद्बोधनों द्वारा अपने धर्म स्थानों से इसके प्रति जागृति फैलायें।
जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा कि यह पहला मौका होगा जब किसी विशाल देश के राजदूत को विश्व महावारी दिवस पर किसी आध्यात्मिक गुरू ने स्वच्छता किट और सैनेटरी पैड दिया। उन्होने कहा कि अब समय आ गया की हम अपनी चुप्पी तोडे और मासिक धर्म के बारे में खुल कर मातायें अपनी बेटियों से बात करे और शिक्षण संस्थानों में, धार्मिक स्थानों में और घरों में इस बारे में संकोच छोड़कर बात होनी चाहिये ताकि वे स्वच्छ और स्वस्थ जीवन जी सके। 
 रात्रिभोज के पश्चात स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने दूतावास के पोलिटिकल हेड, आर्थिक मामलों के प्रमुख डेरेक वेस्टफाॅल, रचना सेठ प्रोटोकाॅल की मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अमेरिकी दूतावास, एवं अमेरिकी दूतावास के अन्य सभी अधिकारियों का अभिनन्दन किया। इस अवसर पर अमेरिकी दूतावास में विभिन्न धर्मो के प्रमुख, आध्यात्मिक नेता और धर्मगुरू यथा आॅल इण्डिया इमाम आर्गेनाइजेशन के प्रमुख इमाम उमर इलियासी साहब, दिल्ली के आर्कबिशप डाॅ अनील कुट्टो, जैन संत आचार्य लौकेश मुनि जी, श्री डोंगचुंग न्गाॅडुप, एचएच द ब्यूरो द आॅफ द दलाई लामा, नई दिल्ली के प्रतिनिधि, पूर्व चीफ कमिश्नर कुरैशी साहब, पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त और उनकी धर्मपत्नी पूर्व निर्वाचन आयुक्त नेपाल श्रीमती इला शर्मा, अजमेर दरगाह शरीफ से सैयद यासिर हुसैन, गुरूदेजी, चिश्तिया सूफी मिशन, अजमेर दरगाह शरीफ, दीवान सैयद अली मौजा निजा़मी, सज्जादा नशीन,, निजा़मुद्दीन दरगाह, सिराजुद्दीन कुरैशी, अध्यक्ष, भारत इस्लामिक सांस्कृतिक केन्द्र, युधिष्ठिर गोविंदादास, निदेशक इस्कान,, फिरोज बख्त अहमद, मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी के चासंलर, प्रोफेसर जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय डाॅ नाज़िया खान, सुश्री गंगा नन्दिनी त्रिपाठी, अनेक गणमान्य अतिथियों एवं उच्चाधिकारियों ने सहभाग किया। स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने सभी अतिथियों को उत्तराखंड आने के हेतु आमंत्रित किया सभी ने स्वामी जी के भावभरे आमंत्रण को स्वीकार किया।