Friday, November 15, 2019
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जीवन में शरणागति का भाव हो यही जीवन का सार है-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

परमार्थ निकेतन में मनाया स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का हरित जन्मदिवस

-उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत जी ने स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज के जन्म दिवस के अवसर पर भेजी शुभकामनायें एवं प्रणाम

-परमार्थ निकेतन में स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज का 67 वां जन्मदिन हरित, पर्यावरण एवं गंगा संरक्षण के रूप में मनाया गया

ऋषिकेश Ap3news- परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष एवं ग्लोबल इण्टरफेथ वाश एलायंस के संस्थापक स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज के जन्मदिवस के अवसर पर परमार्थ निकेतन में महामण्डलेश्वर पूज्य स्वामी असंगानन्द सरस्वती जी महाराज, महामण्डलेश्वर पूज्य स्वामी गुरूशरणानन्द जी महाराज, संत मुरलीधर जी, 37 वें ड्राइकुंग कायबाॅन चेटसंग जी की संस्था से लामागण, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री श्याम जाजू जी, मौलाना कोकब मुस्तबा जी, और अनेक धर्मगुरू, महापुरूष, पर्यावरणविदों एवं देशी-विदेशी भक्तों ने सहभाग किया।


स्वामी जी महाराज के हरित जन्मदिवस के अवसर पर भारत सहित विश्व के अनेक देशों से आये श्रद्धालुओं और अनुयायियों ने प्रातःकाल गंगा घाट पर योग किया। पूज्य स्वामी जी महाराज के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन के लिये विशेष यज्ञ किया। स्वामी जी महाराज के हरित जन्मदिन की शुरूआत सर्वेश्वर मन्दिर में रूद्राभिषेक और गंगा माँ के विशेष पूजन के साथ हुई तत्पश्चात परमार्थ गंगा तट पर आयोजित श्री राम कथा के मंच पर उपस्थित सभी विशिष्ट अतिथियों ने दिव्यता के साथ फूलों की वर्षा करते हुये स्वामी जी महाराज का जन्मदिन उत्सव मनाया गया।


परमार्थ गंगा तट पर संयकाल होने वाली गंगा आरती के पश्चात स्वामी जी महाराज के आदर्श जीवन पर आधारित ’’आज का विवेकानन्द’’ नृत्य नाटिका का चित्रण किया गया। यह कलकत्ता के उत्तरायण ग्रुप और परमार्थ निकेतन की संयुक्त पहल है।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने भारत की संस्कृति को विश्व के मानचित्र पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। उन्होने अनेक बार वैश्विक मंचों से भारत की संस्कृति और संस्कारों के विषय में खुलकर चर्चा की। साथ ही उनके मार्गदर्शन में ग्यारह खंडों का हिन्दू धर्म विश्व कोश जैसा महान ग्रंथ तैयार हुआ जो की आज विश्व के अनेक विश्वविद्यालयों के छात्रों को हिन्दू धर्म का दर्शन करा रहा है। कैलाश मानसरोवर में उनके द्वारा सर्वसुविधाओं से युक्त आश्रम का निर्माण कराया वास्तव में यह विलक्षण कार्य है। कैलाश मानसरोवर में आश्रम के निर्माण के पश्चात भारत रत्न दिवंगत श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने स्वामी जी से कहा कि यह कैसे सम्भव हुआ तब स्वामी जी महाराज ने सहजता से कहा कि प्रभु भोलेनाथ की कृपा का प्रसाद है वास्तव में यह भारत के लिये कीर्तिमान है। इस हेतु उन्होने आज के पावन अवसर पर चीन सरकार को भी धन्यवाद दिया।
महामण्डलेश्वर पूज्य स्वामी असंगानन्द सरस्वती जी महाराज ने ’’स्वामी जी महाराज को जन्मदिन की शुभकामनायें देते हुये उनके स्वस्थ, दीर्घायु एवं पर्यावरण संरक्षण के लिये उत्तरोतर कार्य करने की शक्ति मिलती रहे ऐसी प्रार्थना माँ गंगा जी से की।’’
महामण्डलेश्वर पूज्य स्वामी गुरूशरणानन्द जी महाराज ने कहा कि ’’स्वामी जी महाराज का यह अवतरण दिवस सभी के लिये प्रेरणा दिवस है। स्वामी जी का जन्म ही भगीरथ की तरह गंगा के लिये; पर्यावरण के लिये, धरती के लिये और प्राणीमात्र की सेवा के लिये हुआ है। मैने स्वयं देखा है कुम्भ हो या अन्य कोई अवसर हो उन्होने यही संदेश दिया कि अपनी सोच बदले तो सृष्टि बदलेगी। उन्होने हमेशा भीतर और बाहर दोनों पर्यावरण में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा सभी दी। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि वे सदैव स्वस्थ रहे।

परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज को पूज्य संतों एवं भारत सहित पश्चिम की धरती से जन्मदिवस पर अनुयायियों द्वारा भेजे शुभकामना संदेश और प्रणाम को स्वीकार करते हुये संस्कार चैनल के माध्यम से सभी को धन्यवाद देते हुये कहा कि हम सौभाग्यशाली है कि हमारा जन्म भारत में हुआ। भारत की संस्कृति बड़ी महान है, भारत के पास विविधता में एकता का दर्शन है जो सभी को सम्मान देता है। जब तक भारत में यह संस्कृति, संस्कार और यह दर्शन जिंदा है तब तक भारत जिंदा रहेगा। स्वामी जी महाराज ने कहा कि समाज को प्रभु का स्वरूप समझ कर अपना सौ प्रतिशत समाज को समर्पित कर स्वयं निमित्त मात्र होकर जो भी बन पड़े वह समाज के लिये करना ही जीवन है। जीवन में शरणागति का भाव हो यही तो हमारे पूज्य संतों ने हमें संदेेेश दिया और यही इस जीवन का सार है।
उत्तराखण्ड राज्य के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत जी ने भेजे अपने संदेश में कहा कि ’’माँ गंगा से स्वामी जी महाराज के शतायु होने की प्रार्थना करता हूँ। स्वामी पर्यावरण एवं जल संरक्षण के लिये सदैव से ही निष्ठावान राष्ट्रभक्त है माँ गंगा उन्हे हमेशा स्वस्थ रखें।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री श्याम जाजू जी ने कहा कि ’’भारत एक आध्यात्मिक देश है, पवित्र देश है और धार्मिक देश है। भारत देश श्रद्धा पर चलता है और यह श्रद्धा को जगाये रखने कार्य पूज्य महाराज जी के जीवन से होता है और श्री संत मुरलीधर जी महाराज की कथाओं से होता है। अक्सर लोग अपने बारे में सोचते है परन्तु समाज के बारे में सोचने की दृष्टि पूज्य संतों के जीवनदर्शन से प्राप्त होता है। उन्होने कहा कि स्वामी जी महाराज ने अपने आप को आध्यात्मिक क्षेत्र तक सीमित नहीं रखा बल्कि उन्होने सामाजिक और पर्यावरण के क्षेत्र में अद्भुत कार्य किये है। उन्होने अनेक सामाजिक उपक्रमों के प्रति लोगों को जगाना, प्रेरणादेना और दूसरों को प्रेरित करने का विलक्षण कार्य किया है।
मौलाना कोकब मुस्तबा जी ने कहा कि ’’अल्लाह स्वामी जी को उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करे। स्वामी जी का व्यक्तित्व सभी को गले लगाने का है चाहे लोग किसी भी समुदाय के हो, किसी भी देश के हो या किसी भी तहजीब को मानने वाले हो सभी को प्रेमपूर्वक उन्होने स्थान नवाजा। भाईचारा की स्थापना और राष्ट्रभक्ति की भावना युवाओं में स्थापित करने के लिये तथा आपस की छोटी-छोटी दरारों को भरने के लिये उन्होने विभिन्न मंचों से संदेश दिया है। स्वामी जी के मार्गदर्शन में मदरसों के मौलाना और गुरूकुल के आचार्यो की उपस्थिति में गुरूकुल के ऋषिकुमारों और मदरसे के छात्रों के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया। बात चाहे मुज़फ्फरनगर में मुस्लिम भाईयों को सम्बोधित करने की हो या पटना, बिहार में या फिर पटना साहेब गुरूद्वारा में सिख भाईयों को मिलना हो या बौद्ध लामा, ईसाई, यहूदी या फिर जैन धर्म सभी का हृदय से स्वागत किया अल्लाह उन्हे हमेशा स्वस्थ रखे।’’
संत मुरलीधर जी ने कहा, ’’भारत के पास सचमुच आज भी ऐसे अनमोल रत्न है; ऐसे पारस है वह जिसको छू ले उसे भवसागर पार लगा दे। ऐसे ही एक ऋषि जिन्हें मैं आज जन्मदिवस की शुभकामनायें अर्पित करता हूँ। ईश्वर स्वामी जी महाराज को स्वस्थ रखे और शक्ति दे। सम्पूर्ण मानवता को आप जैसे संतों की आवश्यकता है। वसुधैव कुटुुम्बकम् के लिये, विश्व बन्धुत्व के लिये, वैश्विक समस्याओं के समाधान के लिये, अमन के लिये तथा भाईचारा की स्थापना के लिये हमें आपकी जरूरत है। माँ गंगा स्वामी जी को हमेशा उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करे।’’
जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा, ’’भारत जैसे आध्यात्मिक देश में आपको संत, महन्त, उपदेशक, योगी मिल जायेंगे परन्तु वैश्विक स्तर पर शान्ति, करूणा, प्रेम की स्थापना, स्वच्छता, शौचालय, वृक्षारोपण, नदियों का संरक्षण, राष्ट्रभक्ति, मदसरों और गुरूकुलों को एक साथ लाना तथा हिन्दू और जैन मन्दिर की एक साथ स्थापना का स्वप्न देखने वाला ऋषि शायद ही कहीं देखने को मिलेगा। स्वामी जी ऐसे ही बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी आध्यात्मिक गुरू और सामाजिक विचारक है। उनका दृष्टिकोण केवल अध्यात्म तक ही सीमित नहीं रहा बल्कि उन्होने सार्वभौमिक समस्याओं पर आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दोनों ही दृष्टिकोण से विचार किया। वास्तव के ऐसे विचार प्रत्येक युग के लिये प्रासंगिक है। उन्होने कहा कि यह स्वामी जी महाराज का जन्मदिवस है परन्तु हम सभी के लिये तो जीवन दिवस है। मैं जब पहली बार भारत आयी तब मुझे महाराज जी के सान्निध्य में तीन दिनों तक रहने का अवसर प्राप्त हुआ तब मैने जाना की अमेरिका में सब बड़ा-बड़ा है परन्तु बढ़िया जीवन तो भारत में संतों के चरणों में ही है। स्वामी जी के सान्निध्य में आने के पश्चात उन्होने मुझे जीवन जीने के तीन सूत्र दिया, ’’प्रभु के अत्यंत निकट रहो, संसार को ईश्वर का स्वरूप मानकर सेवा करो और किसी से कुछ पाने की चाह मत रखो तथा हमेशा खुश रहो। यह सूत्र केवल मेरे लिये नहीं थे बल्कि हम सभी के लिये है। उन्होने सभी को संकल्प कराया कि हमेशा प्रभु के निकट रहे, संसार को ईश्वर का स्वरूप मानकर सेवा करो और हमेशा खुश रहो।
37 वें ड्राइकुंग कायबाॅन चेटसंग जी की संस्था से लामागण ने स्वामी जी महाराज को जन्मदिवस की शुभकामनायें देते हुये रूद्राक्ष का पवित्र पौधा भेंट किया। साथ बौद्ध धर्म के सीक्रेट मंत्रों, विशेष पूजा पद्धति, वाद्ययंत्रों एवं संगीत द्वारा पूजन कर भगवान बुद्ध से स्वामी जी महाराज के दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन के लिये प्रार्थना की।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज के पावन सान्निध्य में जल एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु विश्व ग्लोब का जलाभिषेक किया। स्वामी जी महाराज ने अपने जन्म दिवस पर सभी अतिथियों को पर्यावरण का प्रतीक रूद्राक्ष का पौधा भेंट किया तथा सभी को पर्यावरण संरक्षण का संकल्प कराया।

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