Tuesday, December 10, 2019
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कबीरदास जी के विचार छह सौ साल बाद आज भी प्रासंगिक : रमापति शास्त्री

-दो दिवसीय कबीर जयंती वार्षिक सत्संग समारोह सम्पन्न
लखनऊ ap3news- कबीरदास ने समाज को एकरूपता में बांधने व कुरूतियों को दूर करने का कार्य किया। उनके विचार छह सौ साल बाद आज भी प्रासंगिक है। हमें कबीरदास जी के  साहित्य को पढ़ना और अपनी आने वाली पीढ़ी को पढ़ाना चाहिए। यह बात समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री ने सोमवार को कबीर जयंती वार्षिक सत्संग समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कही। दो दिवसीय समारोह का का आयोजन सीतापुर रोड, डालीगंज स्थित कबीर मंदिर धर्मार्थ ट्रस्ट (कबीर मठ) में किया गया। 
कैबिनेट मंत्री श्री शास्त्री ने कहा कि कबीरदास अपने युग के महान संत थे। उन्होंने देश में कुरीतियां मिटाते और समानता लाने के लिए अपने दोहों के माध्यम से प्रयास किया था। उन्होंने समाज कल्याण विभाग द्वारा बुजुर्गों व विधवा पेंशन के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि विभाग विधवा पेंशन के रूप में 500 रुपये प्रदान कर रही है। इसके लिए आन लाइन भी आवेदन किया जा सकता है।
विशिष्ठ अतिथि भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सुधीर हलवासिया ने कहा कि संत कबीर के उत्कृष्ट विचारों का अनुसरण करके सभी लोग अपने जीवन स्तर को बेहतर बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि सभी लोग कबीरदास जी का नाम तो लेते हैं, लेकिन उनके विचारों को आत्मसात नहीं करते हैं। यही हर समस्या की वजह है। हमें संतो के विचारों से खुद को और अपने बच्चों को भी जोड़ना पड़ेगा। संत धीरेंद्र साहब ने कबीर के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। इस मौके पर बच्चियों ने कबीर जी के दोहे सुनाएं। उन्हें अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया। इस मौके पर आयोजित भण्डारे में सभी ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम संयोजक पवन गुप्ता, कबीर मठ के मैनेजर हरीश वर्मा समेत प्रदेश के अलग अलग जिलों से आये सैकड़ो लोग मौजूद रहे।
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