Saturday, February 27, 2021
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आध्यात्मिकता से जीवन में सामंजस्यता का समावेश होता है-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

-अर्जेंटीना और दक्षिण अमरीका के अन्य देशों से परमार्थ निकेतन पहुंचा श्रद्धालुओं का दल
-परमार्थ निकेतन में योग, ध्यान, सत्संग, संत दर्शन, गंगा आरती और हवन में सहभाग कर भारतीय संस्कृति के रंग में रंगे विदेशी
ऋषिकेशAp3news- अर्जेंटीना और दक्षिण अमरीका से आये सदस्यों के दल ने गुरुवार को परमार्थ निकेतन पहुँच कर स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। उन्होने आश्रम में होने वाले योग, ध्यान, सत्संग, संत दर्शन, गंगा आरती और हवन में सहभाग किया।
स्वामी जी महाराज ने चारधाम यात्रा का महत्व बताते हुये विदेशी श्रद्धालुओं को चारधाम यात्रा के लिये प्रेरित किया। स्वामी जी महाराज की आज्ञा से दल के सदस्य चार धाम यात्रा पर गये वापस आकर उन्होने कहा कि अपार दिव्यता, सुन्दरता और आनन्द से युक्त वातावरण था चारों धामों का। यह दिव्य वातावरण सुन्दरता ही नहीं बल्कि दिव्यता और पवित्रता से भर देता है। उन्होने कहा कि हम इन पवित्र धामों का दर्शन कर गद्गद् हो उठे। उन्होने कहा कि हमें ऋषिकेश और यहां की गंगा जी ने अत्यधिक आकर्षित किया है।
स्वामी जी महाराज ने कहा कि उत्तराखण्ड आध्यात्मिकता से परिपूर्ण राज्य है। आध्यात्मिकता सभी को स्वीकारने पर जोर देती है साथ ही जीवन को सही दिशा प्रदान करती है तथा सभी विश्वासियों को एकजूट करती है। इसके माध्यम से हम एकता के सूत्र में बंध जाते है। उन्होने कहा कि आध्यात्मिकता से जीवन में सामंजस्यता का समावेश होता है।
  इस दल के सदस्य अर्जेंटीना तथा आस-पास के दक्षिणी-पश्चिमी भागों में  जाकर वे नित्य ही योग, ध्यान, वेदमंत्र, संस्कृत एवं हवन आदी का प्रशिक्षण देते है। दल के सदस्य सस्वर वैदिक मंत्रों का शुद्ध उच्चारण करते है। 
 अर्जेंटीना और दक्षिण अमरीका के अन्य देशों से आये दल के सदस्यों ने कहा कि पश्चिम में सब कुछ पाने के बाद भी सब कुछ खाली-खाली सा लगता है और भारत आकर मन दिव्यता से भी जाता है।
 स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज  के साथ दल के सदस्यों ने विश्व स्तर पर स्वच्छ जल की आपूर्ति हेतु वाॅटर ब्लेसिंग सेरेमनी सम्पन्न की। स्वामी जी ने दल के सदस्यों को पर्यावरण का प्रतीक रूद्राक्ष का पौधा भेंट किया।