Friday, October 18, 2019
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प्राचीन इतिहास से जुड़ी विश्व की प्राचीन भाषा है संस्कृत : प्रो विजय कर्ण

– वर्तमान में संस्कृत साहित्य की उपादेयता’ विषय पर कार्यशाला

लखनऊ Ap3news-संस्कृत साहित्य मानव सभ्यता के प्राचीन इतिहास से जुड़ी विश्व की प्राचीन भाषा है जो कि आधुनिक भाषा के रूप में सर्वथा सार्थक है। यह बात विद्यान्त हिन्दू पीजी कॉलेज के संस्कृत विभाग के एसोसिएट प्रो विजय कर्ण ने नेता जी सुभाष चन्द्र बोस राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अलीगंज में बुधवार को संस्कृत विभाग की ओर से प्रसार व्याख्यान माला के अंतर्गत ‘ वर्तमान में संस्कृत साहित्य की उपादेयता’ विषय पर आयोजित कार्यशाला में बतौर मुख्य वक्ता कही।
प्रो कर्ण ने कहा कि संस्कृत भाषा को लोकप्रिय एवं हर व्यक्ति के जीवन की आवश्यकता बनानी चाहिए, तभी लोग संस्कृत के प्रति अपना उत्साह दिखाएंगे। आज के भौतिकवादी युग मे संस्कृत भाषा को सबसे विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। परंतु हमेशा ही आम लोगों के प्रोत्साहन एवं
विश्वास के कारण यह समृद्ध भाषा रही है।उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा त्वरित एवं तकनीकी माध्यम पर आधरित हो गई है। हमे भी शिक्षा के क्षेत्र में सभी पहलुओं पर आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना चाहिए। संस्कृत शिक्षण को भी इसी के अनुरूप बनाना चाहिए। प्राचार्या डॉ अनुराधा तिवारी ने कहा कि संस्कृत संसार के लिए सबसे बड़ी निधि है। इसमे समाज के निर्माण की क्षमताएं हैं। संस्कृत में गहराई है। उन्होंने कहा कि संस्कृत को संस्कृत भाषा के माध्यम से ही पढ़ाना चाहिए। छात्रो में संस्कृत शिक्षा के प्रति लगाव बढाने के लिए संस्कृत को सरल एवं लोकप्रिय पाठ्यक्रम सामग्री से युक्त किया जाना चाहिए। संचालन संस्कृत प्रभारी डॉ ऊषा मिश्रा ने किया।

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