Saturday, August 24, 2019
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आवासीय समिति ने नगर निगम की जमीन बेची, नगर निगम ने एसडीएम सदर को कार्रवाई के लिए लिखा पत्र -10 माह से मामला ठण्डे बस्ते में

लखनऊ विशेष संवाददाता-राज्य की योगी सरकार सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त है। बावजूद इसके अधिकारी ऐसे लोगों पर कार्रवाई करने में टालू रवैया बना रखा है।शंकरपुरवा वार्ड प्रथम के अंतर्गत आने वाले बहादुरपुर गांव में नगर निगम की जमीन के बड़े हिस्से को दि ग्रेटर अवध सहकारी आवास समिति ने अपनी बताकर बेच दी। नगर निगम के तहसीलदार ने समिति के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई के लिए एसडीएम सदर को पत्र लिखा, लेकिन 10 माह तक मामला ठंडे बस्ते में पड़ा रहा। तहसीलदार ने एसडीएम सदर को दोबारा पत्र भेजकर कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

शंकरपुरवा वार्ड प्रथम के बहादुरपुर गांव में खसरा संख्या 69 नगर निगम की भूमि है। गायत्रीपुरम, आदिल नगर निवासी व सामाजिक कार्यकर्ता हेमन्त कुमार मिश्रा ने नगर निगम में 20 दिसम्बर17 को एक शिकायती पत्र दिया। जिसमें बताया गया कि दि ग्रेटर अवध सहकारी आवास समिति लि ने अपनी क्रय की भूमि खसरा संख्या 71 की आड़ में खसरा संख्या 69 की 9 हजार वर्ग फुट भूमि का विक्रय कर दिया गया। जिस पर नगर निगम ने उप निबंधक लखनऊ को खसरा संख्या 71 की भूमि में दि ग्रेटर अवध सहकारी आवास समिति द्वारा निष्पादित विक्रय पत्रों की जानकारी मांगी। उप निबंधक तृतीय द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर अधिक भूमि विक्रय किये जाने की पुष्टि हुई। जिस पर तहसीलदार नगर निगम ने दि ग्रेट अवध सहकारी आवास समिति लिमिटेड के सँयुक्त सचिव अनवार अहमद को 27 दिसम्बर 17 को पत्रांक संख्या- डी-888/का0त0/17 से नोटिस भेजा। जिसमें 15 दिन के अंदर समिति द्वारा क्रय की गई भूमि से अधिक भूमि बेचे जाने पर अपना पक्ष रखने को कहा गया। लेकिन आवासीय समिति के संयुक्त सचिव द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया।

10 माह बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, तहसीलदार ने फिर लिखा पत्र
तहसीलदार नगर निगम ने उपजिलाधिकारी तहसील-सदर को 20 फरवरी18 पत्रांक संख्या-डी-1092/का0त0/18 से समिति के विरूद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया। लेकिन करीब 10 माह बाद भी उपजिलाधिकारी सदर द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिसके बाद तहसीलदार नगर निगम सविता शुक्ला 12 दिसम्बर 18 को दोबारा उपजिलाधिकारी सदर को पत्र भेज कर समिति के खिलाफ़ कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

आवासीय समिति ने अपने हिस्से से ज्यादा जमीन तो बेची है लेकिन वह नगर निगम की है इसकी पुष्टि नहीं है। एसडीएम सदर को भेजे पत्र में नगर निगम की जमीन पर कब्जा होने की आशंका व्यक्त की गई है। उनको आवश्यक कार्रवाई के लिए कहा गया है।
सविता शुक्ला, नगर निगम तहसीलदार

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