Monday, November 11, 2019
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डिप्लोमा के साथ मिला मेडल, खिल उठे चेहरे

हीवेट पालीटेक्निक, महानगर का तृतीय दीक्षांत समारोह 
-अंकित यादव, उम्मे फौजिया, विजय सिंह व कीर्ति रॉय को गोल्ड मेडल
– आगे बढ़ने के लिए तकनीकी तौर पर हुनरमंद होना जरूरी : अशोक कुमार मिश्रा 
लखनऊ Ap3news-महानगर स्थित हीवेट पॉलिटेक्निक में सोमवार को तृतीय दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ। समारोह में संस्थान के करीब 150 छात्रों को डिप्लोमा सर्टिफिकेट और 12 छात्र-छात्राओं को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। 
बतौर मुख्य अतिथि आरडीएसओ के एडिशनल डायरेक्टर जनरल अशोक कुमार मिश्रा ने विभिन्न ब्रांचों के टॉपर अंकित यादव, उम्मे फौजिया, विजय सिंह और कीर्ति राय को गोल्ड मेडल और अनामिका सिंह, अंकित कुमार मौर्या, अतुल कुमार सोनी, आलोक कुमार सिंह को सिल्वर तथा अनूप चौहान, मनीष कुमार गुप्ता, अभिषेक राव, अंकिता रघुवंशी को ब्रॉन्ज मेडल प्रदान किया।
इस मौके पर उन्होंने छात्रों को सफलता का टिप्स दिया। बोले, आज बगैर तकनीक के कोई भी आगे नहीं बढ़ सकता है। तकनीकी शिक्षा हासिल करने वाले हुनरमंद की हर जगह पूछ है।  विशिष्ट अतिथि अरुण श्रीवास्तव ने छात्रों से कहा कि आपके पास हुनर होगा तो आपको नौकरी तो मिल जाएगी लेकिन हमेशा बड़ी सोच रखनी चाहिए। रोजगार हासिल करने की बजाय रोजगार देने वाला बनना चाहिए।प्रिंसिपल डॉ. यूसी बाजपेयी ने प्रतिवेदन प्रस्तुति किया। प्रबंध समिति के अध्यक्ष डॉ सुधाकर अस्थाना ने धन्यवाद ज्ञापित किया। 
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प्लेसमेंट का नियुक्ति पत्र दिया गया
दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि ने डिप्लोमा के साथ-साथ कैंपस प्लेसमेंट में नौकरी पा चुके 12 छात्र-छात्राओं को ऑफर लेटर भी दिया। इसमें गोल्ड मेडल पाने वाले विजय सिंह (मैकेनिकल इंजी ) को तीन लाख,  उम्मे फौजिया  (इलेक्ट्रिकल इंजी) 1.68 लाख व कीर्ति रॉय (इनफार्मेशन टेक) 0.96 लाख भी शामिल है।
 टॉपर्स बोले- सफलता के लिए लक्ष्य का निर्धारण जरूरी
गाजीपुर निवासी अंकित यादव के पिता भुल्लन सिंह यादव एक फैक्ट्री में कार्य करते है। जबकि माता सुनीता देवी गृहणी है। अंकित का बचपन से ही सपना है कि सेना में जाकर देश की सेवा करनी है। इसके लिए वह एनडीए की तैयारी भी कर रहे हैं। 
गोंडा निवासी उम्मे फौजिया के पिता असीर अहमद की स्टेशनरी की दुकान है। जबकि मां रफत जबी गृहणी है। उम्मे का चयन जीई डीजल में हो गया है। फौजिया अभी इसी नौकरी में ही कार्य करना चाहती हैं।
चंदौली निवासी विजय सिंह के पिता सुरेंद्र प्रताप सिंह किसान व मां पुष्पा सिंह गृहणी है। विजय का कैम्पस सेलेक्शन लोहिया कार्प लि में तीन लाख के पैकेज पर हुआ है। वह इंडियन इंजीनियरिंग सर्विसेज की तैयारी करना चाहते है। पढ़ाई में बड़े भाई अक्षय सिंह को श्रेय देते है। 
लखनऊ की कीर्ति रॉय के पिता कबीन्द्र नारायण रॉय कांट्रेक्टर व मां कृष्णा मनी रॉय गृहणी है। कीर्ति का चयन विप्रो में हो गया है। स्नातक की पढ़ाई के बाद वह अपना बिजनेश शुरू करने का इरादा रखती हैं। 
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