Saturday, January 18, 2020
Home > Top Stories > सलाहकार या गुरु बहुत सोचविचार कर चुनना चाहिए : उमाकांतानंद सरस्वती जी महाराज

सलाहकार या गुरु बहुत सोचविचार कर चुनना चाहिए : उमाकांतानंद सरस्वती जी महाराज

लखनऊ Ap3news- नेहरू इन्क्लेव गोमतीनगर में नौ दिवसीय श्री रामकथा के सातवें दिन महामंडलेश्वर स्वामी डॉक्टर उमाकांतानंद सरस्वती जी महाराज ने राम वन गमन का मार्मिक प्रसंग सुनाकर श्रोताओं को अभिभूत किया।

उन्होंने कहा कि मोबाइल आधुनिक मंथरा है जैसे मंथरा ने कैकेयी के कान भरकर राम लक्ष्मण को वनवास भेजने पर मजबूर किया था वैसे ही आजकल यह मोबाइल छोटी छोटी बातों को बढ़ा चढ़ाकर चुगली लगाने के काम आ रहा है। उन्होंने समाज को संदेश दिया कि किसी भी यंत्र का कैसे प्रयोग करना है यह आपके विवेक पर निर्भर करता है रसोई के चाकू से आप सब्जी काटते हैं और उसी से किसी को नुकसान भी पहुँचा सकते हैं यहाँ विवेक काम आता है। रामकथा के प्रसंगों को आधुनिक काल से जोड़ते हुए महामंडलेश्वर स्वामी जी ने आगे कहा कि सलाहकार या गुरु भी बहुत सोचविचार कर चुनना चाहिए अन्यथा मंथरा की तरह गलत सलाह देने वाले आपसे पाप करवाते रहते हैं। इसलिए सद्गुरु की शरण में सदा रहें और सदैव भगवान राम की राह पर चलें तो आपका विवेक बना रहता है और आप कभी भी पतन के रास्ते पर नहीं जाएंगें।
कथा में जलशक्ति मंत्री डॉक्टर महेंद्र सिंह भी उपस्थित रहे और उन्होंने स्वामी जी से आशीष ग्रहण किया।  शाश्वत परिवार से मोनिका सिंह और शिवकुमार मौर्या ने सभी भक्तों की आगवानी की।

error: Content is protected !!