Thursday, October 1, 2020
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कम्प्यूटर पर केस पढ़ने के बजाय किताबो का अध्ययन करें विधि छात्र : न्यायमूर्ति अनिल कुमार

लखनऊ Ap3news-लखनऊ विश्वविद्यालय के विधि संकाय में बुधवार को डॉ अवतार सिंह मेमोरियल लेक्चर सिरीज़ के उदघाट्न समारोह तथा डॉ भीमराव अम्बेडकर मेमोरियल नेशनल आर्टिकल राइटिंग एंड डिबेट कंपीटिशन के पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन हुआ। डिबेट में सोनाली सिंह व प्रेरणा पाण्डेय, हिंदी आर्टिकल राइटिंग में स्वराज शुक्ला व इंग्लिश राइटिंग में आयुष प्रताप सिंह विजयी रहे।

समारोह में मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति अनिल कुमार ने विधि विद्यार्थियों को संयम रखने की सलाह देते हुए कहा कि पैसे के ऊपर ध्यान न दे। क्योंकि इस फील्ड पैसा आयेगा, लेकिन इसके लिए मेहनत करनी होगी। न्यायमूर्ति ने कहा कि कम्प्यूटर पर केस पढ़ने के स्थान पर पूरी किताब पढ़नी चाहिए। यह अध्ययन ही आपके ज्ञान को बढ़ाएगी। विशिष्ट अतिथि न्यायमूर्ति मोहम्मद फ़ैज़ आलम खान ने कहा कि कानून की पढ़ाई करने वालों की लोकतंत्र में सबसे अहम भूमिका होती है। विधि के विद्यार्थी मेहनत करके पीसीएजे व वकील बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह कहना गलत होगा कि जो कुछ नहीं कर पाता है वह कानून की पढ़ाई करता है। अतिथियों ने अपने जीवन से जुड़े अनुभव भी छात्रों के साथ साझा किए।
इस मौके पर प्रो सीपी सिंह(संकाय अध्यक्ष), प्रो मोहम्मद अहमद(अतिरिक्त कुलानुशासक), प्रो डीएनएनएस यादव(प्रोफेसर इंचार्ज), डॉ हरिश्चन्द्र, डॉ अनुराग श्रीवास्तव, डॉ आनंद विश्वकर्मा, डॉ अशोक कुमार श्रीवास्तव उपस्थित रहे। समारोह के आयोजन में सक्षम अग्रवाल(एलएलएम छात्र), सचिन वर्मा, विनय यादव, हरि गोविंद दुबे, रितिक गुप्ता एवं अन्य छात्रों का योगदान रहा।