Thursday, April 9, 2020
Home > Top Stories > साबरी ब्रदर्स की कव्वाली नाइट का हुआ आयोजन

साबरी ब्रदर्स की कव्वाली नाइट का हुआ आयोजन

– कामायनी की 11वीं सालगिरह पर संत गाडगे में आयोजन

– विशिष्ट जनों को कामायनी सम्मान से अलंकृत किया गया
लखनऊ Ap3news-साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था कामायनी का 11वीं सालगिरह पर शनिवार को जयपुर के मशहूर कव्वाल साबरी ब्रदर्स दृ उस्ताद फरीद साबरी और उस्ताद अमीन साबरी ने एक से बढ़कर एक कव्वालियों को सुनाकर शाम को यादगार बना दिया। इस सुरीले सफर में उनके चाहने वालों ने कभी रुहानियत तो कभी इश्क की दावत का लुत्फ उठाया।


कामायनी रत्न सम्मान से अलंकृत हुई हस्तियां
स्थापना दिवस समारोह पर दीप प्रज्ज्वलन न्यायमूर्ति एस.सी.वर्मा और पूर्व मंत्री नकुल दुबे ने किया। साबरी बदर्स कव्वाली नाइट के मुख्य अतिथि होमगार्ड्स के प्रमुख सचिव अनिल कुमार थे। इसके साथ ही विशिष्ट अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद, सामान्य प्रशासन के सचिव डॉ.हरिओम, लखनऊविद् और रंगकर्मी नवाब जाफर मीर अब्दुल्ला, उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्षा डॉ.पूर्णिमा पाण्डेय और इलाहाबाद बैंक के सामान्य प्रबंधक रविन्द्र सिंह उपस्थित रहे। कामायनी रत्न सम्मान से वरिष्ठ सामाचार वाचक और अभिनेता तरुण राज, बीकेटी के डिप्टी एसपी हृदयेश कठेरिया, वरिष्ठ उद्घोषिका, अभिनेत्री डॉ. अनीता सहगल वसुंधरा, कला उन्नायक भूपेश राय, वरिष्ठ अभिनेत्री अचला बोस, को अलंकृत किया गया।

जैग एस थ्री इंफो मीडिया कम्पनी हुई लांच

इस मेगा इवेंट में जैग एस थ्री इंफो मीडिया लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप कम्पनी की लांचिंग भी की गई। मीडिया वर्क के लिए गठित इस कम्पनी की ओर से मौजूदा दौर में दंगल चैनल पर शो चल रहा है। उस शो की झलकियां भी समारोह के दौरान एलइडी वॉल पर दिखायी गई।

साबरी ब्रदर्स की कव्वालियों संग दिखा लखनवी कथक
सफर-ए-कव्वाली में हर दिल अजीज साबरी ब्रदर्स ने अपने सुरों के खजाने से एक मुलाकात जरूरी है सनम और भर दे झोली या मोहम्मद जैसे कई कव्वालियां अपने चाहने वालों की नजर की। श्रोताओं से खचाखच भरे हॉल में सूफी कव्वाली के पर्याय बने विश्व प्रसिद्ध साबरी ब्रदर्स ने ‘सिर्फ तुम’ का ‘पहली पहली बार मोहब्बत की है’, ‘परदेस’ का ‘नहीं होना था’, ‘हिना’ फिल्म का ‘देर ना हो जाए कहीं’, ‘इंडिया बाबू’ का ‘हम दीवाने हम’, ‘यह दिल आशिकाना’ का ‘अल्ला अल्ला’ जैसी कई कव्वालियों को सुनाकर अपने दीवानों का दिल जीत लिया। लोकप्रिय कथक नृत्यांगना अर्चना तिवारी ने सूफियाना कव्वालियों संग कथक का सुन्दर सामंजस्य स्थापित किया। इसके कारण लोगों ने कव्वाली के सुरों के साथ सुंदर नृत्य का भी आनंद लिया। दिलो दिमाग को सुकूं देने वाली इस मौसिकी की महफिल के सहयोगी रहे फीवर 104 एफएम, एमजे ज्वैलर्स और एस थ्री इंफो मीडिया। सूफी बदर्स ने कहा कि लखनऊ उनका मुरीद है तो वह खुद यहां के लोगों के कायल है। यहां का अदब और चयनदारी उन्हें खास तौर से आकर्षित करती है। संस्था के अध्यक्ष राजेश जायसवाल ने बताया कि वर्तमान में संस्था कहानियों के नाट्य मंचन की दिशा में कार्य कर रही है। इस क्रम में नाटक “और पारो नहीं रही” का मंचन जल्द किया जाएगा। राम कृष्ण दुबे की लिखी इस कहानी का नाट्यरूपांतरण और निर्देशन संस्था के सचिव नवीन श्रीवास्तव ने किया है।

error: Content is protected !!