Monday, November 30, 2020
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राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन ने मध्यांचल मुख्यालय पर घेराव कर किया प्रदर्शन

लखनऊ। निजीकरण का प्रस्ताव टलने के बाद भले ही बिजलीकर्मियों व अभियंताओं का आन्दोलन खत्म हो गया हो, लेकिन एक बार फिर बिजली इंजीनियरों के आंदोलन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान अभियंताओं पर बिजली चोरी कराए जाने के आरोप लग रहे हैं। बीते दिनों मध्यांचल प्रबंधन ने बिजली चोरी में संलिप्तता पाए जाने पर ठाकुरगंज व जीपीआरए पॉवर हाउस के एसडीओ व जेई को निलंबित कर दिया था। जिससे आक्रोशित बिजली इंजीनियरों ने राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन, उत्तर प्रदेश के बैनर तले सोमवार को गोखले मार्ग स्थित मध्यांचल मुख्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया।इंजीनियरों ने लेसा, सिस व ट्रांसगोमती में की जा कार्यवाही को उत्पीड़नात्मक बताते हुए निलंबन को गलत बताया और इस कार्यवाही की घोर निंदा की। संगठन ने आरोप लगाया कि बिना किसी पुख्ता साक्ष्य के मात्र कार्य क्षेत्र के आधार पर एसडीओ रिजवान सिद्दीकी, शैलेंद्र कुमार धूसिया और जेई अरविन्द कुमार यादव, अनिल कुमार को निलंबित कर दिया गया था, जो गलत है। प्रदर्शन के दौरान प्रबंध निदेशक ने तत्काल संगठन के प्रतिनिधियों से वार्ता की पहल की और वार्ता सकारात्मक सम्पन्न हुई। जिसमें एमडी की ओर से शीघ्र ही प्रकरण को निस्तारित करने की सहमति दी गई।वहीं संगठन ने चेतावनी दी कि अगर वार्ता के मुताबिक निर्धारित समयावधि में निलंबित अभियंताओं को बहाल नहीं किया गया तो अभियंता उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होंगे। मध्यांचल एमडी व इंजीनियर्स संगठन के प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता में कार्य क्षेत्र के आधार पर उत्पीड़न की कार्यवाही पर रोक लगाने पर भी सहमति बनी। संगठन ने विद्युत चोरी पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान “विद्युत चोरी रोको” का भी निर्णय लिया। वार्ता में आश्वस्त किया गया कि बिजली चोरी रोकने, राजस्व बढ़ाने के साथ ही उपभोक्ता देवो भव: का पूरी तरह से पालन भी किया जाएगा। संगठन के प्रतिनिधि मंडल में इं. संजीव कुमार वर्मा (मध्यांचल अध्यक्ष), इं. डीके प्रजापति (मध्यांचल सचिव), इं. अनिल कुमार वर्मा (केंद्रीय उप महासचिव मुख्यालय), इं. राम वरुण (वरिष्ठ उपाध्यक्ष मध्यांचल), इं. चंद्रशेखर (अध्यक्ष ट्रांसगोमती), इं. अजय यादव (सचिव सिस गोमती) शामिल रहे। वहीं मध्यांचल मुख्यालय पर हुए सांकेतिक विरोध प्रदर्शन में इं. विवेक तिवारी, इं. एसएन पटेल, इं. राम अवध यादव, इं. मनोज जयसवाल, इं. कुंवर विक्रम सिंह, इं. अशोक कुमार, इं. दिवाकर यादव, इं. एसके विश्वकर्मा, इं. भरत सिंह, इं. संतविन्दर सहित काफी संख्या में अभियंता मौजूद रहे।
ये है पूरा मामला….बीते 20 अक्टूबर को ठाकुरगंज इलाके में एक अपार्टमेंट के आठ फ्लैटों में 28 किलोवाट की बिजली चोरी पकड़ी गई थी। मध्यांचल निगम की जांच पड़ताल के दौरान बिजली चोरी कराने में संलिप्त पाए जाने पर क्षेत्रीय एसडीओ रिजवान सिद्दीकी व अवर अभियंता अनिल कुमार को निलंबित किया गया था। वहीं बीते 23 अक्टूबर को बीकेटी डिवीजन के अंतर्गत जीपीआरए पॉवर हाउस क्षेत्र में बिजली चोरी कराने के आरोप में एसडीओ शैलेंद्र कुमार एवं अवर अभियंता अरविंद कुमार यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था।