Tuesday, November 24, 2020
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जिस मासूम को पुलिस स्वयं जाने की बात कह रही थी, उसका हुआ था अपहरण

11 दिसंबर को घर से स्कूल जाने के बाद हुआ था गायब
-बहराइच में मिली लोकेशन, फिर भी गुडम्बा पुलिस लापरवाह, पीड़ित परिवार ने एसएसपी से लगाई गुहार

लखनऊ विशेष संवाददाता – जिस 12 वर्षीय बच्चे की गुमशुदगी दर्ज कर गुडम्बा पुलिस उसके स्वयं के जाने की बात कह कर हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। जबकि उसका अपहरण किया गया था। बहराइच में अपहरणकर्ताओं के चंगुल से भाग निकले मासूम ने लोगों से दो दिनों तक मदद की गुहार लगाता रहा। इसके बावजूद किसी का दिल नहीं पसीजा। पुलिस भी लापरवाह बनी रही। नतीजन मासूम दोबारा लापता हो गया। परिवारीजनों ने पड़ोस के ही एक शख्स पर बच्चे का अपहरण करवाने की आशंका जताई है। परिवारीजनों ने अनहोनी की आशंका जताते हुए एसएसपी कलानिधि नैथानी से गुहार लगाई है।

सेक्टर-एच जानकीपुरम निवासी महेंद्र निषाद का बेटा आदित्य (12) घर से करीब 500 मीटर दूर स्थित एक निजी स्कूल में कक्षा-चार का छात्र है।11 दिसंबर की सुबह करीब 6:30 बजे वह स्कूल जाने के लिए पैदल ही घर से निकला था। छुट्टी होने के काफी देर बाद घर न लौटने पर तलाश शुरू की गई। अगले दिन पता चला कि आदित्य स्कूल ही नहीं पहुंचा था। जिसके बाद परिवारीजनों ने उसकी गुमशुदगी दर्ज करवाई। परिवारीजनों का आरोप है कि गुडम्बा पुलिस ने महज रिपोर्ट दर्ज कर खानापूर्ति कर ली। कई बार कहने के बावजूद पुलिस ने उस रूट के कैमरे तक चेक करवाने की जहमत नहीं उठाई। पिता महेंद्र निषाद के मुताबिक करीब 10 दिन पहले उसे कॉल आई कि बहराइच के बुझिया बाजार ने तुम्हारा बेटा है। उसके साथ दो और लोग भी थे जो भाग निकले। इस सूचना के आधार पर परिवारीजन बुझिया बाजार पहुंचे जहां के दुकानदारों ने फोटो देख कर पहचान करते हुए बताया कि बच्चे के साथ दो और लोग थे, जो देखने मे संदिग्ध लग रहे थे। बच्चे ने दुकानदारों से मदद की गुहार लगाई तभी दोनों आरोपित भाग निकले। पीड़ित परिवारीजनों के मुताबिक इसकी सूचना उन्होंने लोकल पुलिस और गुडम्बा पुलिस को दी।आरोप है कि लोकल पुलिस ने मौके पर पहुंच कर पड़ताल की लेकिन गुडम्बा पुलिस मामले को टाल गई।
वर्जन
इस प्रकरण की जांच हमें 18 जनवरी को ही मिली है। पूरे प्रपत्र भी अभी उपलब्ध नहीं हो पाए हैं। परिवारीजनों ने बहराइच की लोकेशन मिलने की जानकारी दी है। इसके अलावा हमें कुछ नहीं पता। सुधाकर पांडेय, जांच अधिकारी