Thursday, July 16, 2020
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मुख्यमंत्री हरियाणा श्री मनोहरलाल खट्टर जी पधारे परमार्थ निकेतन शिविर, प्रयागराज

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज से की भेंटवार्ता

विश्व शान्ति हेतु आहूतियां, संगम पूजन और वाटॅर ब्लेसिंग सेरेमनी की*

पराली, प्रदूषण से परिवर्तन की यात्रा, टाॅयलेट कैफेटेरिया, पी लो पानी, हैंडवाशिंग, जियो ट्यूब तकनीक और अन्य पर्यावरण के मुद्दों पर की चर्चा

कुम्भ सुख, समृद्धि और शान्ति के प्रादुर्भाव का महोत्सव-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

देश की हर दीवार बोलने लगे तो विचार और व्यवहार में विलक्षण परिवर्तन सम्भव- मनोहरलाल खट्टर

प्रयागराज/ ऋषिकेश -परमार्थ निकेतन शिविर प्रयागराज पधारे श्री मनोहरलाल खट्टर जी मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार। उन्होने परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज से भेंटवार्ता की।
माननीय मुख्यमंत्री जी ने विश्व शान्ति हेतु वेद मंत्रों के साथ आहूतियां प्रदान की, संगम पूजन और जल संरक्षण के संकल्प के साथ वाटॅर ब्लेसिंग सेरेमनी सम्पन्न की।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने पराली जलाने से बढ़ते वायु प्रदूषण पर चिंता व्यक्त करते हुये पराली सेे ईको फे्रंडली घर बनाने, जियो ट्यूब तकनीक को यमुना नदी में गिरने वाले नालों पर लागू करने, जिस प्रकार प्रयागराज में संगम में गिरने वाले नालों के जल को स्वच्छ जल में परिवर्तित करने हेतु लगायी गयी है। इस तकनीक का जिक्र परमार्थ निकेतन शिविर में भारत के राष्ट्रपति महामहिम श्री रामनाथ कोविंद जी आये थे उस दिन उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने भी किया था। स्वामी जी महाराज ने कहा कि यमुना में गिरने वाले नाले चाहे वह हरियाणा में हो या फिर दिल्ली में सभी का समाधान निकाला जा सकता है। परमार्थ निकेतन शिविर में जल को स्वच्छ और पीने योग्य करने वाली ’’पी लो पानी’’ ’’हैंडवाशिग स्टेशन’’ तथा परमार्थ निकेतन द्वारा संचालित स्वच्छता का संदेश देने वाली अन्य गतिविधियों पर चर्चा की।


मुख्यमंत्री हरियाणा श्री मनोहर लाल खट्टर जी ने परमार्थ निकेतन शिविर में प्रवेश करते ही जूट से बना, सुन्दर, सुसज्ज्ति टैंट, रंगोली और दीवारों पर बने आकर्षक चित्र मानों दीवारें वेद मंत्र, भारतीय संस्कृति और स्वच्छता के संदेश दे रही हो देखकर अभिभूत हो गये। उन्होने कहा कि देश की हर दीवार इसी तरह बोलने लगे तो विचार और व्यवहार में विलक्षण परिवर्तन हो सकता है।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि ’’कुम्भ जैसे महोत्सव, विश्व की सुख, शान्ति और समृद्धि हेतु किये जाते है इसमें अध्यात्म के साथ प्रकृति, पर्यावरण और प्राणियों की सुरक्षा पर भी चितंन करना नितांत आवश्यक है। हरियाणा में पराली को जलाने की समस्या विकराल है उसका समाधान निकालना जरूरी है। पराली से होने वाले प्रदूषण को काफी हद तक कम किया जा सकता है, हम इस ओर कार्य कर रहे है। एग्री बोर्ड के माध्यम से पांच से सात दिनों में एक सुन्दर मकान तैयार किया जा सकता है जो कि वाटरप्रूफ होता है, साथ ही ये बोर्ड लगभग 1100 सेल्सियस तक तापमान सहन कर सकते है, कीड़े और दीमक का खतरा भी नहीं रहता तथा इससे बने घरों का तापमान भी बाहर के मुकाबले कम रहता है।


स्वामी जी ने जानकारी दी, पराली से बोर्ड भारत में ही तैयार किये जा रहे है इनसे महज तीन लाख रूपये में 300 वर्गफीट का मकान तैयार किया जा सकता है। पराली का उपयोग कर हम वायु प्रदूषण को कम करने के साथ स्लम एरिया और झुग्गी-झोपड़ी वाले स्थानों पर सुन्दर मकान बना सकते है। जिससे भारत के यशस्वी और ऊर्जावान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का ’’हर परिवार का अपना घर हो’’ का सपना भी पूरा किया जा सकता है।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज और जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती जी के साथ माननीय मुख्यमंत्री हरियाणा ने वाटॅर ब्लेसिंग सेरेमनी की और कहा कि जल प्रदूषण वास्तव में एक गंभीर समस्या है। उन्होने कुम्भ के पश्चात स्वामी जी महाराज को हरियाणा में आमंत्रित किया और कहा कि इन सभी उपयुक्त चर्चाओं को लागू करने हेतु हमारे अधिकारियों से साथ बैठकर सुचारू योजना बनाने हेतु आप हमारा मार्गदर्शन करे।