Thursday, December 13, 2018
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वैज्ञानिकों तथा नीति-निर्धारकों द्वारा आईओआरए देशों के बीच व्यापार बढ़ाने के लिए एक परिषद गठन करने का सुझाव

प्रेस रिलीज – सीमैप में चल रहे छ: दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के चौथे दिन वैज्ञानिकों तथा नीति-निर्धारकों द्वारा आईओआरए देशों के बीच व्यापार बढ़ाने के लिए एक परिषद गठन करने का सुझाव दिया। यह परिषद सम्बंधी देशों के बीच में कच्चे औषधीय जड़ी बूटियां तथा उनसे बने उत्पादों का व्यापार करने में मदद करेगा तथा साथ-साथ में विभिन्न भागीदारों के बीच संवाद भी स्थापित करने की कोशिश करेगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम के वक्ता डॉ. जनकराज रावल, अध्यक्ष, औषधीय एवं सगंध पौधा महासंघ ने सबसे ज्यादा आयात व निर्यात होने वाले औषधीय पौधों पर व्याख्यान दिया। उन्होने आईओआरए देशों के प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे अपने देशों में हर्बल उत्पादों के बढ़ावे के लिए किसानों, उद्योगों तथा वैज्ञानिकों के साझा प्रयासों को बढ़ावा दें।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में दूसरे वक्ता डॉ. बॉब ऐल्किन, रॉयल बोटैनिक गार्डन, क्यू, इंग्लैंड ने औषधीय पौधों की पहचान करने की विभिन्न तक्नीकियों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होने यह बताया कि विभिन्न देशों के विभिन्न मानकों के कारण पौधों को पहचानने और उनका विपणन करने में परेशानी आती है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के तीसरे वक्ता डॉ. जे एल एन शास्त्री, विभागध्यक्ष, हेल्थकेयर रिसर्च यूनिट, डाबर ने बताया कि अभी भी कई देशों में औषधीय पौधों का व्यापार अनियमित और कम गुणवत्ता-युक्त है और इसको ठीक करने के लिए रासायनिक गुणवत्ता तथा डीएनए फिंगरप्रिंटिंग को बढावा देना चाहिये।
अपराह्न सत्र में प्रतिभागियों को सीएसआईआर-सीमैप की विभिन्न प्रयोगशालाओं का भ्रमण करवाया गया। इस भ्रमण का संचालन डॉ. अनिर्बन पाल तथा डॉ. करुणा शंकर द्वारा किया गया।